शेखपुरा नगर परिषद में विकास का अजीबोगरीब योजना धरातल पर उतर जा रहा है। यहां योजना की जानकारी ना तो विभाग को है और ना ही कार्यपालक पदाधिकारी को है। मामला खुलासा तब हुआ जब घटिया सामग्री और गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। वहीं ठेकेदार गोरेलाल प्रसाद ने कहा कि अगर नगर परिषद से भुगतान नहीं हुआ तो विधायक मद से टेंडर पास करा लेंगे। मामला शेखपुरा नगर के वार्ड संख्या-15 की है। मामले की पड़ताल में चौंकाने वाली बात सामने आई। नगर परिषद के जेई अमित कुमार और जेई शिवम कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि जमुआरा में बन रही इस पीसीसी सड़क का कोई एस्टीमेट उनके द्वारा तैयार नहीं किया गया है। यानी निर्माण कार्य के लिए विभागीय तकनीकी स्वीकृति तक नहीं ली गई। इधर, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विनय कुमार ने भी जमुआरा में हो रहे पीसीसी सड़क निर्माण की जानकारी से अनभिज्ञता जाहिर की है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब नगर परिषद की ओर से न टेंडर निकाला गया, न एस्टीमेट बना और न ही विभागीय स्वीकृति दी गई, तो आखिर किसके आदेश पर सरकारी क्षेत्र में सड़क निर्माण कराया जा रहा है। मामले को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। जानकारी के अनुसार जमुआरा में नगर परिषद के कथित ठेकेदार गोरेलाल प्रसाद द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र से कब्रिस्तान तक करीब 500 मीटर पीसीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीण अनिल यादव, मो. अकरम, रघुवीर कुमार ने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा है। पीसीसी सड़क निर्माण में घटिया ईंट का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही बालू और गिट्टी के अनुपात में बेहद कम मात्रा में सीमेंट मिलाया जा रहा है। उनका कहना है कि इस गुणवत्ता की सड़क एक वर्ष भी टिक पाना मुश्किल है।
जमुआरा में नगर परिषद द्वारा पीसीसी सड़क निर्माण को लेकर कोई टेंडर पास नहीं हुआ है और न हीं कोई विभागीय कार्य की स्वीकृति दी गई है। अगर कोई अवैध पीसीसी सड़क निर्माण कार्य चल रहा है तो इसकी जाँच कर उचित कार्यवाई की जाएगी-विनय कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, शेखपुरा नगर परिषद




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